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हाथ और कंधे में दर्द होना

हाथ और कंधे में दर्द होना

हाथ से कंधे तक दर्द होना मांसपेशियों में खिंचाव, रोटेटर कफ की समस्या, फ्रोजन शोल्डर या गर्दन की नस दबने (सर्वाइकल) के कारण हो सकता है। यदि दर्द अचानक तेज हो, हाथ हिलाना असंभव हो, या सीने में जकड़न व सांस फूलने के साथ हो, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें। 

हाथ और कंधे में दर्द क्या होता है?

कंधा हमारे शरीर का सबसे ज्यादा चलने वाला जोड़ है। इसी वजह से इस पर सबसे ज्यादा दबाव भी पड़ता है। जब कंधे की मांसपेशियों, टेंडन, जोड़, नस या हड्डी में कोई समस्या होती है, तो दर्द महसूस हो सकता है।

यह दर्द केवल कंधे तक सीमित नहीं रहता। कई बार यह हाथ, कोहनी या उंगलियों तक भी फैल जाता है। कुछ लोगों को केवल हाथ उठाने में दर्द होता है, जबकि कुछ लोगों को आराम करते समय या रात में भी दर्द बना रहता है।

हाथ और कंधे में दर्द क्यों होता है?

इस सवाल का जवाब हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। सही इलाज के लिए सबसे पहले दर्द का कारण जानना जरूरी है।

1. मांसपेशियों में खिंचाव (Muscle Strain)

यह सबसे आम कारणों में से एक है।

ऐसा तब हो सकता है जब आप:

  • भारी सामान उठाते हैं।

  • लंबे समय तक गलत तरीके से बैठते हैं।

  • अचानक हाथ या कंधे को ज्यादा मोड़ देते हैं।

  • बिना तैयारी के कठिन व्यायाम करते हैं।

इस स्थिति में दर्द के साथ जकड़न भी महसूस हो सकती है।

2. रोटेटर कफ की चोट

रोटेटर कफ कंधे की चार महत्वपूर्ण मांसपेशियों और टेंडन का समूह होता है। यह कंधे को मजबूती देता है और हाथ को आसानी से घुमाने में मदद करता है।

इसमें चोट या सूजन होने पर:

  • हाथ ऊपर उठाने में दर्द होता है।

  • कंधे में कमजोरी महसूस होती है।

  • रात में करवट बदलते समय दर्द बढ़ सकता है।

यह समस्या खिलाड़ियों, जिम करने वालों और बार-बार हाथ ऊपर उठाकर काम करने वाले लोगों में ज्यादा देखी जाती है।

3. फ्रोजन शोल्डर

फ्रोजन शोल्डर में कंधा धीरे-धीरे अकड़ने लगता है।

इसके कारण:

  • हाथ ऊपर उठाना मुश्किल हो जाता है।

  • कपड़े पहनने या बाल बनाने में परेशानी होती है।

  • दर्द के साथ कंधे की मूवमेंट कम हो जाती है।

यह समस्या डायबिटीज के मरीजों और 40 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों में अधिक देखी जाती है।

4. गर्दन की नस दबना (Cervical Radiculopathy)

अगर गर्दन की नस दब जाती है, तो दर्द केवल गर्दन में ही नहीं रहता।

यह दर्द फैल सकता है:

  • कंधे तक

  • पूरे हाथ तक

  • कोहनी तक

  • उंगलियों तक

कई लोगों को इसके साथ हाथ में झुनझुनी, सुन्नपन या कमजोरी भी महसूस होती है। ऐसे मामलों में केवल कंधे का इलाज पर्याप्त नहीं होता, बल्कि गर्दन की जांच भी जरूरी होती है।

5. गठिया (Arthritis)

उम्र बढ़ने के साथ कंधे के जोड़ घिसने लगते हैं। इसे ऑस्टियोआर्थराइटिस कहा जाता है।

इसके लक्षण हो सकते हैं:

  • लगातार दर्द

  • सुबह के समय जकड़न

  • हाथ घुमाने में तकलीफ

  • कंधे से आवाज आना

6. कंधे के टेंडन में सूजन (Tendinitis)

बार-बार एक ही तरह की गतिविधि करने से कंधे के टेंडन में सूजन आ सकती है।

यह समस्या अक्सर होती है:

  • तैराकों में

  • क्रिकेट या टेनिस खिलाड़ियों में

  • पेंटर और इलेक्ट्रिशियन जैसे पेशों में

  • लंबे समय तक कंप्यूटर पर काम करने वालों में

7. महिलाओं में कंधे के दर्द के कारण

Causes of shoulder pain in female कई बार पुरुषों से अलग भी हो सकते हैं।

महिलाओं में यह दर्द इन कारणों से हो सकता है:

  • फ्रोजन शोल्डर

  • कैल्शियम की कमी

  • हार्मोनल बदलाव

  • डायबिटीज

  • थायरॉइड की समस्या

  • लंबे समय तक घर के काम या बच्चे को गोद में उठाना

अगर दर्द बार-बार हो रहा है या लंबे समय से बना हुआ है, तो केवल दर्द की दवा लेने के बजाय कारण का पता लगाना जरूरी है।

हाथ और कंधे में दर्द के लक्षण

हर मरीज में लक्षण अलग हो सकते हैं।

आम लक्षण हैं:

  • कंधे में लगातार दर्द

  • Shoulder and upper arm pain

  • Pain in shoulder and down arm

  • हाथ उठाने में परेशानी

  • कंधे में जकड़न

  • हाथ में कमजोरी

  • झुनझुनी या सुन्नपन

  • रात में दर्द बढ़ जाना

  • कपड़े पहनने या बाल बनाने में कठिनाई

अगर दर्द बाएं हाथ में कंधे से कोहनी तक फैल रहा है (pain in upper left arm between elbow and shoulder) और इसके साथ सीने में दर्द, सांस फूलना या पसीना आ रहा है, तो तुरंत अस्पताल जाएं। कुछ मामलों में यह दिल की समस्या का संकेत भी हो सकता है।

कब डॉक्टर से मिलना चाहिए?

अगर:

  • दर्द 2–3 सप्ताह से ज्यादा बना रहे।

  • दर्द लगातार बढ़ रहा हो।

  • हाथ उठाना मुश्किल हो जाए।

  • हाथ में सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो।

  • चोट लगने के बाद दर्द शुरू हुआ हो।

  • बुखार, सूजन या लालपन भी हो।

तो बिना देर किए स्पाइन या ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।

हाथ और कंधे के दर्द का इलाज

इलाज हमेशा दर्द के कारण पर निर्भर करता है।

अधिकांश मरीजों में बिना सर्जरी के ही आराम मिल जाता है।

डॉक्टर आपकी स्थिति के अनुसार इनमें से एक या अधिक उपचार की सलाह दे सकते हैं:

  • कुछ दिनों तक आराम

  • बर्फ या गर्म सिकाई

  • दर्द और सूजन कम करने वाली दवाएं

  • फिजियोथेरेपी

  • कंधे को मजबूत बनाने वाले व्यायाम

  • जरूरत पड़ने पर इंजेक्शन

  • गंभीर मामलों में सर्जरी

खुद से इलाज करने या लंबे समय तक केवल दर्द की दवा लेते रहने के बजाय सही कारण का पता लगाना सबसे जरूरी है।

निष्कर्ष

हाथ और कंधे में दर्द एक सामान्य समस्या है, लेकिन इसका कारण हर व्यक्ति में अलग हो सकता है। इसलिए केवल दर्द कम करने की बजाय उसकी असली वजह पता करना जरूरी है। सही समय पर जांच और इलाज कराने से ज्यादातर मरीज बिना सर्जरी के बेहतर हो जाते हैं और अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट सकते हैं।

अगर आपको लंबे समय से हाथ या कंधे में दर्द, हाथ उठाने में परेशानी, या दर्द के साथ सुन्नपन महसूस हो रहा है, तो डॉ. धीरज बठेजा, गुड़गांव के 13+ वर्षों के अनुभव वाले प्रसिद्ध स्पाइन सर्जन, से सलाह लें। सही जांच और समय पर इलाज से समस्या को बढ़ने से रोका जा सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. हाथ और कंधे में दर्द क्यों होता है?

हाथ और कंधे में दर्द मांसपेशियों में खिंचाव, रोटेटर कफ की चोट, फ्रोजन शोल्डर, गठिया या गर्दन की नस दबने जैसी समस्याओं के कारण हो सकता है। सही कारण जानने के लिए लक्षणों और चिकित्सकीय जांच को देखना जरूरी है।

2. क्या गर्दन की नस दबने से कंधे और हाथ में दर्द हो सकता है?

हाँ, गर्दन की नस पर दबाव पड़ने से दर्द गर्दन से कंधे और हाथ तक फैल सकता है। इसके साथ हाथ में झुनझुनी, सुन्नपन या कमजोरी भी महसूस हो सकती है।

3. कंधे से हाथ तक दर्द होने का क्या कारण हो सकता है?

कंधे से हाथ तक दर्द रोटेटर कफ की समस्या, नस पर दबाव, मांसपेशियों में खिंचाव या कंधे के जोड़ से जुड़ी समस्या के कारण हो सकता है। लगातार दर्द रहने पर डॉक्टर से जांच कराना उचित है।

4. क्या हाथ और कंधे के दर्द में सर्जरी की जरूरत होती है?

हर मामले में सर्जरी की जरूरत नहीं होती। उपचार दर्द के कारण और उसकी गंभीरता पर निर्भर करता है। दवा, फिजियोथेरेपी और गतिविधियों में बदलाव से कई मामलों में राहत मिल सकती है, जबकि कुछ गंभीर स्थितियों में सर्जरी पर विचार किया जा सकता है।

5. हाथ और कंधे के दर्द के लिए डॉक्टर से कब मिलना चाहिए?

अगर दर्द लगातार बना रहे, बढ़ता जाए, हाथ उठाने में परेशानी हो, या हाथ में सुन्नपन, झुनझुनी या कमजोरी महसूस हो, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। चोट के बाद अचानक तेज दर्द होने पर भी समय पर जांच जरूरी है।

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